नवरात्रि:ः माॅं दक्षिण महाकाली के मंत्र का आसान सा प्रयोग
नवरात्रि:ः
माॅं दक्षिण महाकाली के मंत्र का आसान सा प्रयोग
जीवन में समय का अपना ही महत्व है कुछ समय अवधि ऐसी होती है जेा हमें पूरे
वर्ष के परिश्रम से वह प्राप्त नहीं कर पाते जो उस काल क्षण में हम प्राप्त कर सकते हैं
ऐसा ही दिवस है नवरात्रि का।
नवरात्रि के ये 9 दिन जीवन मे आल्लादित और उमंग भरने के दिन होते हैं इन दिनों
में माता की पूजा अर्चना साधना से वह सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है जो हम पूरे वर्ष
के परिश्रम से प्राप्त नहीं कर सकते.....
आईये इन्हीं दिनों में हम कुछ छोटी से साधना करे प्रेक्टिकल जिसका लाभ आप अपने
जीवन में स्वतः ही देखे ....
किसी भी कार्य के लिए उस पर आस्था और विश्वास का होना अत्यंत आवश्यक है यदि आप
में श्रद्धा नहंी तो उसका लाभ भी नहीं होगा ...
ब्रम्हाण्ड का छोटा पर सर्वशक्तिशाली मंत्र जो माता दक्षिण काली का बीज मंत्र है। बीज मंत्र
क्या होता है इस पर फिर कभी विस्तृत विवरण लिखूंगा आज आप इस प्रयोग का सम्मन करें
और इस नवरात्रि के क्षण का उपयोग कीजिये ।
यदि आप की स्मरण शक्ति कम है आप कुछ पढते हैं और भूल जाते हैं या आपके घर मे कोई
विद्यार्थी है जो पढता है लेकिन उसकी याददास्त कमजोर है तो उसे इस आसान से मंत्र का प्रयोग
करना चाहिए और आप कुछ ही दिनों में आप इसकी सफलता से आश्चर्यचकित रहेगे।
विधि:ः
1. बाजार से मशाले की दुकान से भोजपत्र और अष््टगंध खरीद लायें जो आसानी से कुछ ही रूपये मे
मिल जायेगी।
2. भोजपत्र पर अष्टगंध से दिये मंत्र को दो बार लिख कर अपने गले में या बांह में बांध लें या चांदी
के ताबीज में डालकर पहन ले।
3. यह प्रयोग रात्रि में ही करें ।
4. प्रयोग वाले दिन सावधानी में स्वच्छता का ध्यान और नशा से दूर रहें।
5. यदि यह प्रयोग नवरात्रि में न कर सकें तो किसी भी पुष्य नक्षत्र या पूर्णिमा वाले दिन या मंगलवार
की रात्रि में करे।
दक्षिण काली का मंत्र:ः
क्रीं
(क्रीम ) KREEM
-स्वामी श्रेयानन्द महाराज
SWAMI SHREYANAD MAHARAJ
मो. 9752626564
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