गुरू पूर्णिमा - 2021


 

गुरू गोविन्द दोउ खडे का के लागूं पायं
बलिहारी गुरू आपने जिन गोविन्द दियो बताय . . .


Guru Purnima 2021: Guru Purnima 2021 date, significance and other important  details
गुरू पूर्णिमा - 2021
- स्वामी श्रेयानन्द महाराज 

## Swami Shreyanand Maharaj (Sanatan Sadhak Pariwar)



आज गुरू पूर्णिमा 24 जुलाई 2021 शनिवार को है। मान्यता है इस दिन महर्षि वेद व्यास ने चारों वेदों का
ज्ञान मानव जाति के उत्थान के रूप में दिया था। इसलिए सनातन धर्म में उन्हे प्रथम गुरू की उपाधि
प्रदान की थी। गुरू शिष्य के जीवन को तरासता है आज उस पर चोट कर उसके कल के भविष्य को गढता है।
गुरू भी हाडमांस का एक शरीर धारण लिए समाज में रहता है वह भी आम व्यक्ति की तरह जीवन यापन
करता है परन्तु उसके अन्दर ज्ञान की गरिमा होती है जिसे उसे आम व्यक्ति से अलग करता है। स्कूल में
शिक्षा देने वाले को शिक्षक कहते हैं गुरू नही  आध्यात्म में गुरू की अपनी महत्ता होती है वह शिष्य के जीवन को
गढता है उसे जीवन की उन रहस्यों से अवगत करता है जिससे जीवन आनन्द युक्त हो सके।


Guru Purnima 2021: What is the significance of Guru Purnima? Read on for  more details 

तभी तो गुरू को कहा जाता है-

तुम्ही हो माता च पिता तुम्हींे हो, तुम्ही हो बन्धु च सखा तुम्ही हो
तुम्ही हो विद्या द्रविडं तुम्ही हो, तुम्ही हो सर्वमम देव देव ।।

गुरू पूर्णिका का शुभ मुहूर्त जाने -


ब्रम्ह मुहूर्त:ः सुबह 04.15 से 04.58 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त:ः दोपहर 12.00 बजे से 12.55 मिनट तक
विजय मुहूर्त:ः दोप 2.43 मिनट से 3.40 मिनट तक
अमृत मुहूर्त:ः सायं 6.45 मिनट से 8.15 मिनट तक


वैसे शास्त्रों में गुरू पूजन का कोई मुहूर्त नही होता है जब शिष्य गुरू के पास पंहुंच जाये तब वह समर्पण
भाव प्राणिपात होता हुआ गुरू को दण्डवत प्रणाम कर पूजन करे तभी उसे पूर्ण माना जाता है यदि मुहूर्तकाल को
को देखता हुआ शिष्य अहं भाव से गुरू को सम्मुख जाता है तो फिर वह पूजन निष्फल मानी जाती है।


Guru Purnima 2021 History is associated with Mahabharat Writer Ved Vyas

कैसे मनाये गुरू पूर्णिमा पूजन विधि:ः


1. सनातन पराम्परा मे अनुसार आज दिन अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है इस दिन आलस का त्याग
करें प्रातः ब्रम्ह मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होना चाहिए। संभव हो तो पवित्र नदियों में स्नान करने
की भी परम्परा है।

2. स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पण करना चाहिए और साथ में अपने गंुरू को स्मरण कर उन्हे जल
अर्पण करना चाहिए।

3. यदि सम्भव हो तो इस दिन उपवास रख सकते हैं पर मन में अपने गुरू के प्रति श्रद्धाभाव व उनका चिंतन
 करते रहना चाहिए। यदि आपके कोई गुरू नहीं हो तो गुरू बना लेना चाहिए यह सनातन धर्म में जीवन की
 पूर्णता है। यदि गुरू नहीं बना पाये तो भगवान शिव को अपना गुरू मान कर उनकी आराधना करना चाहिए ।

4. जब दिन में आपके पास समय हो उस वक्त अपने श्रद्धा से जैसे भी बन पडता हेा गुरू पूजन करना चाहिए
जिसे गुरू पूजन का ज्ञान हो और वह स्वयं गुरू के पास नहीं जा पाये वह अपने घर में ही गुरू पादुका पूजन
करें और आरती के बाद प्रसाद का वितरण करना चाहिए।

5. हमारे सनातन धर्म में मान्यता है कि गुरू पूजन से व्यक्ति का जीवन आनन्द से भर जाता है और गुरू उसके पूर्व
जीवन के पापों को क्षय कर देता है जिससे उसका जीवन आनन्दयुक्त हो जाता है।

6. पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा की पूजा सायंकाल कर लेने से दोषो से मुक्ति मिल जाती है।

7. जो जीवन में गुरू पूजन करता है उसके जीवन में कोई परेशानी आती है तो वह परेशानी से विचलित नहीे होता
उसका जीवन सुखमय व्यतीय होता है।

8. इस दिन यथा शक्ति दान अवश्य करना चाहिए।

9. गौ माता को भोजन कराये यथा शक्ति हरा चारा या कोई फल खिलाये।


Guru Purnima 2021 Date and Time: आषाढ़ पूर्णिमा पूजा विधि, शुभ मुहूर्त व  महत्व, Ashadh Purnima Puja Method, Auspicious Time and Significance,

क्या न करें इस दिन:ः


1. इस दिन क्रोध नहंीं करना चाहिए ।

2. अपने से बडों का अनादर नहंी करना चाहिए। ज्योतिष में मान्यता है कि कोई व्यक्ति अपने से बडों का आदर
करता है चाहे वह विरोधी ही क्यों न हो तो उस पर गुरू प्रसन्न रहते हैं। वह उस व्यक्ति पर विशेष कृपा करता है
और उसे ज्ञान प्रदान करता है।

3. आलस का त्याग करें पर निन्दा से बचे, वाद विवाद से दूर रहे।

4. भूल कर भी किसी जीव को सताये नहंीं ।

गुरू पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ --

-- स्वामी श्रेयानन्द महाराज (सनातन साधक परिवार)

## Swami Shreyanand Maharaj (Sanatan Sadhak Pariwar)








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