शनि जयंती - वट सावित्री व्रत बना रही है सूर्य ग्रहण को विशेष फलदायी ये साधना देगी मनोवांछित फल - तीव्र मनोकामना सिद्ध आदित्य प्रयोग:ः
शनि जयंती - वट सावित्री व्रत बना रही है सूर्य ग्रहण को विशेष फलदायी
ये साधना देगी मनोवांछित फल -
तीव्र मनोकामना सिद्ध आदित्य प्रयोग:ः
- स्वामी श्रेयानन्द महाराज
मोबा. व व्हाटशप नं. 09752626564
सूर्य ग्रहण 2021 साल का प्रथम सूर्यग्रहण हिंदू पंचाग के अनुसार ज्येष््ठ मास की अमावस्या दिन गुरूवार 10 जून 2021 को पड रही है । इस दिन
शूल योग भी बन रहा है। इस दिन सूर्य ग्रहण के साथ साथ शनि जयंती व वट सावित्री व्रत भी है । ग्रहण के दौरान शुभ कार्यों
के करने में मनाही है ।
सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण है जो कि भारत में आंशिक तौर पर दिखाई देगा इसलिए भारत में इसका सूतक का प्रभाव
मान्य नही होगा। ज्योतिष के अनुसार भले ही भारत में दिखाई न दे पर कुछ राशियों पर इसका प्रभाव दिखाई देगा।
दिनांक:ः 10 जून 2021 गुरूवार
ग्रहण का सयम:ः दोपहर 1.40 बजे से शाम 6.42 मिनट तक रहेगा।
ग्रहण काल में निगेटिव उर्जा का त्याग कर ब्रहमाण्ड में व्याप्त पाॅजेटिव एनेर्जी को साधना
के माध्यम सें ग्रहण करना चाहिए जिससे जीवन में व्याप्त बाधा , परेशानी, अभाव को दूर किया जा सके । इसकी विधि
यदि आपको ज्ञात नही है तो सनातन साधक परिवार इस ग्रहण में विशेष साधनात्मक आयोजन
तीव्र मनोकामना आदित्य प्रयोग करने जा रहा है
इस प्रयोग में भाग लेने आपको कही जाना नहीं है । आप जहां हैं संभव हो तो ग्रहण काल में कुछ समय के लिए ध्यान में बैठ जाना है...
साधक पीले वस्त्र पहने यदि संभव न हो तो अपने साथ एक पीला कपडा रख ले।
कौन भाग ले सकता है इस प्रयोग में -
इस पूजन में किसी भी प्रकार का कोई व्यय नही है जो इस प्रयोग मे भाग लेना चाहता है वह अपनी कोई भी एक
परेशानी दिये नम्बर 09752626564 में व्हाटशप से मोबाईल पर फोन करके 10 जून की दोपहर 12.00 बजे तक भेज दे या लिखवा दे
जिससे आपकी समस्या का यथासंभव निराकरण किया जायेगा जिसका फल एक माह के भीतर ही आपको देखने को
मिलेगा।
साधक साधना के समय दिये नियमो का पालन करें ।
क्या करें इस दिन:
1. ग्रहण मे निकलने वाली हानि कारक तरंगों से बचने के लिए तुलसी पत्ते को जल मे डालकर घर के सभी सदस्यों
को देना चाहिए ।
2. सनातन धर्म में यह माना जाता है कि ग्रहण काल के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए इससे स्वास्थ्य
पर बुरा प्रभाव पडता है।
3. मंदिरों व घर में पूजा कक्ष को बंद कर देना चाहिए
4. ग्रहण काल के दौरान ध्यान व मंत्र जप करना चाहिए क्योंकि ग्रहण काल के दौरान किया गया जप हजार गुना
फल प्रदान करता है
5. सूर्य ग्रहण के साथ साथ वट सावित्री पूजा है तथा शनि जयंती है अतः दान पुण्य सूर्य ग्रहण के पूर्व कर लेना शुभ
रहेगा
6. ग्रहण उपरांत देव कक्ष मे गंगा जल के छिडकाव के साथ धूप दीप कर उन्हें भोग लगायें।
7. ग्रहण काल में शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए ।
8. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं केा ग्रहण नहीं देखना चाहिए और नही बाहर निकलना चाहिए।
9 ग्रहण के बाद स्नान अवश्य करें व पूजन करें।
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जाने कौन सी राशि क्या प्रभाव पडेगा-
इन राशियो पर ग्रहण का बुरा प्रभाव पडेगा - वृषभ राशि, मिथुन राशि, सिंह राशि, तुला राशि, मकर राशि
क्या करें ये राशि वाले जातक -
इन राशियों के जातकों केा ग्रहण काल में ध्यान , मंत्र जप करना चाहिए, इस बीच
निद्रा नही करना चाहिए, संभव हो तो ज्यादा से ज्यादा मौन रखें।
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