प्रेम और उल्लास का पर्व:ः होली
प्रेम और उल्लास का पर्व:ः होली
होली -
प्रेम और उल्लास का अदभुत पर्व .....
यह तो वही समझेगा जिसने प्रेम किया ...
प्रेम का तात्पर्य माधुर्य, संगीत, उल्लास, उमंग ।
होली ऐसा ही पर्व है अपने मीत के संग रंगों के उल्लास में खो जाने का दिन ।
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कब मनाया जायेगी होली:ः
होली दहन 28 मार्च 2021 की रा़ित्र को की जायेगी। और 29.03.2021 को रंग गुलाल खेला जायेगा
होलिका दहन रात्रि 06.37 से लेकर रात्रि 8.59 मिनट (लगभग 2.20 मिनट का समय) पर शुभ मुहूर्त है।
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क्या तैयारी करें इस दिन:ः
होलिका दहन वाले स्थान को गोबर और गंगाजल से सफाई और लिपाई
की जाती है और गीली लकडी को बीच में गडा दिया जाता है उसके चारों ओर सूखी लकडी,
गोबर के कंडे रखे जाते हैं जिसे होलिका और प्रहलाद का स्वरूप मना जाता है ं।
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क्या करे होली की रात्रि को:ः
पौराणिक गाथा के अनुसार भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार धारण कर हरिणकश्यप का
वध उसके वरदानुसार कर चारों और सुख शांति की स्थापना की थी। गृहस्थ इस रात्रि को
भगवान विष्णु की सहस्त्र नाम का पाठ करना चाहिए और माता दुर्गा के सप्तशती
का पाठ करना चाहिए। जिससे परिवार में संस्कार की स्थापना हो क्योंकि अगर संतान संस्कारी औऱ कमाउ है तो जीत है अगर औलाद बेकार और आवारा है तो कराडों की कमाई हुई पूंजी
होते हुए भी हार है।
होली की रात्रि तंत्र से संबंध रखने वालों के लिए विशेष रात्रि होती है इस रात्रि को तंात्रिक
अघोरी तंत्र की बडी से बडी सिद्धियों को सिद्ध करने के लिए प्रयोग करते हैं और जो साधना
सिद्ध होती है उसे पुनः जागृत की जाती है।
तंत्र शब्द से जन मानस में एक प्रकार का भय का वातावरण बन जाता है। तंत्र का तात्पर्य
एक व्यवस्था होती है । जैसे प्रजातंत्र - इसका तात्पर्य जन सामान्य के जीवन को सुव्यवस्थित
करने के लिए एक विधि का निर्माण कर उसे लागू करना। उसी प्रकार आध्यात्म में तंत्र एक
साधना की व्यवस्था है जिसे एक पूर्ण विधि के अनुसार प्रयोग कर उससे लाभ अर्जित कर
स्वयं के कल्याण के लिए और जन मानस के कल्याण के सेवा का भाव लेकर कार्य करना ।
होली की रात्रि इस प्रकार के ज्ञान को प्राप्ति के लिए विशेष सफलतादायक दिवस माना जाता
है ।
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कैसे मनाये होली
होली के दिन रंग खेलने की परंम्परा है इसकी शुरूआत अपने ईष्ट पर रंग चढाकर
और माता पिता और बुर्जुगों को रंग लगा उनके आशीर्वाद प्राप्त कर होली खेलना शुरू
करना चाहिए ।
ंचूंकि यह पर्व हमारे पौराणिक महत्ता लिये है अतः जब भी हम किसी को रंग लगायें तो
उससे
ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः
कहते हुए रंग लगाना चाहिए । इससे हमारे सनातन धर्म की स्थापना पुनः इस धरा पर होगी
आप स्वयं कहें और लोगों को भी प्रेरित करें जिससे चारों ओर खुशियों का वातावरण निर्मित
होगा ।
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क्या न करें इस दिन:ः
1 अभद्रता न करें गाली गलौच न करें संबका सम्मान करें।
2 मदिरा का सेवन न करें यह हमारे सनातन धर्म का महान पर्व है शास्त्रों में कही
भी इस दिन मदिरा पान, मांस भक्षण का उल्लेख नही आया है अतः आप भी न करे।
3 किसी पर जबरदस्ती रंग न लगायें।
4 अनादर भाव से होली न खलें और न ही इस दिन कोई पुरानी रंजिश को पूरा करने का
प्रयत्न करें ।
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होली की रात्रि को कौन सी साधना करें -
होली रात्रि को की गई साधना सफल होती ही है, यह रात्रि गृहस्थ और सन्यासी दोनों के
लिए महत्वपूर्ण रात्रि होती है। जब जीवन में बार बार असफलता प्राप्त हो रही हो, कमाया
हुआ धन रूकता ही नही, घर में बार बार परेशानी आती हो तो, कारोबार में नुकासान , विवाह
में देरी , डाक्टरों के द्वारा रोग का पता नही लग पाना ...... तो दिये हुए कुछ प्रयोग को
अवश्य करें निश्चित ही सफलता मिलती ही है ।
यदि संभव हो तो योग्य गुरू के मार्गदर्शन में ही इन प्रयोगों को करने से त्वरित लाभ होता है
पर साधना में कुछ व्यवधान आ जाये और साधना बीच में ही छोडना पडे तो कोई अनिष्ट
की संभावना नही होती अतः इन प्रयोगों को अवश्य करें।
तंत्र बाधा निवारण प्रयोग :ः
होली की रात्रि को तंत्र बाधा से ग्रसित व्यक्ति यदि इस रात्रि को काले हकीक
की माला से इस मंत्र की 21 माला जप कर दूसरे दिन माला को बहते जल मे
प्रवाहित कर दे तो वह तंत्र बाधा से मुक्त हो जाता है।
मंत्र:ः ओम क्रीं क्रीं क्रीं कालिके क्रीं क्रीं क्रीं फट ।
रोग निवारण प्रयोग मंत्र
इसके लिए पारद गणपति की स्थापना कर पूजन कर जल चढाते हुए निम्न मंत्र का
101 बार इस मंत्र का जप करें उस जल को घर में छिडक दें घर में आरोग्यता
बनी रहेगी।
मंत्र: ओम गूं नम:
शीघ्र विवाह मं़त्र :ः
विवाह का इच्छा रखने वाला जातक शुद्ध वस्त्र धारण कर रात्रि को घी की दीपक जला
कर इस मंत्र की भुनेश्वरी माला से ग्यारह माला जप करें । बाद में उस माला
को स्वयं धारण किया रहे । शीघ्र ही रिश्ते आना शुरू हो जाते है। और नियमित
मंत्र जप करते रहने से मनपसंद रिश्ते से विवाह हो जाता है
मंत्र:ः ओम ऐं ऐें अनंगाय फट !!
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विशेष :ः
हमारे सनातन साधक परिवार द्वारा इस रात्रि को जन कल्याण के लिए विशेष अनुष््ठान
करेगी यदि आप अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए इस यज्ञ में आहुति प्रदान
करना चाहेगें तो इस नम्बर पर अपना नाम, स्थान और परेशानी लिख भेजिये
आपके कार्यसिद्धि के लिए भी आहुति प्रदान की जायेगी। जिसका लाभ आने वाले
समय पर आप स्वयं महसूस करेंगे ।
जय गुरूदेव .....................
सदैव आपके साथ ...............
स्वामी श्रेयानन्द महाराज
मो.: 09752626564
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